It simply sucks. I don't personally read blog posts word by word, so how can I except you to read them too? I known ther are people who are kind enough to read a 10,000 word long blog article from start to finish, but I think that's a minority.why waste your time ? Let me..
Saturday, 14 March 2020
Petrol prices cut by 12 paise a litre, diesel declines by 14 paise
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FPIs get the jitters over Coronavirus, withdraw Rs 37,976 cr in March
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Jewellers squeezed over advance tax payments, sparse consumer interest
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Buffalo meat exports grind to a halt in three key markets over coronavirus
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कभी मोदी की प्रस्तावक थीं शुभांगिनी, इनका लक्ष्मी विलास बर्मिंघम पैलेस से चार गुना विशाल
लाइफस्टाइल डेस्क.ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में लाने के पीछे एक किरदार 75 वर्षीय भाजपा नेत्ता शुभांगिनी राजे गायकवाड़ को भी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुभांगिनी ही सिंधिया को प्रधानमंत्री मोदी के करीब लाईं। हालांकि शुभांगिनी ने आधिकारिक तौर पर इस तरह की किसी भी भूमिका से इंकार कर दिया है।
शाही परिवार से है ताल्लुक
बड़ौदा शाही परिवार में राजमाता का दर्जा हासिल शुभांगिनी का भी संबंध ग्वालियर से है। वह ग्वालियर के शाही जाधव परिवार सेहैं। शुंभागिनी राजे बड़ौदा के खेड़ा संसदीय क्षेत्र से दो बार लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। 1996 में निर्दलीय और 2004 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से चुनाव लड़ा। हालांकि दोनों ही बार वे चुनाव हार गईं। 2014 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने बड़ौदा से भी अपना नामांकन भरा था। शुभांगिनी राजे उस वक्त उनके साथ थीं। वे मोदी की प्रस्तावक थीं। शुभांगिनी के पति रणजीत सिंह गायकवाड़ कांग्रेस नेता रहे। वह 1980 से 89 तक बड़ोदा से कांग्रेस सांसद रहे। शुभांगिनी राजे अब स्वास्थ्य कारणों से लाइमलाइट से दूर रहती हैं। उनका अधिकांश समय अब बड़ौदा में अपने निवास लक्ष्मी विलास पैलेस में ही गुजरता है। वे 2015 से बड़ौदा की द महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी की चांसलर हैं।
सिंधिया कनेक्शन
ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे बड़ौदा राजघराने से हैं। बड़ौदा की राजमाता शुभांगिनी राजे प्रियदर्शिनी की बड़ी मां हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गायकवाड़ परिवार के पास 20 हजार करोड़ की कुल संपत्ति है। अकेला लक्ष्मी विलास पैलेस ही 600 एकड़ में फैला हुआ है। लक्ष्मी विलास पैलेस देश के सबसे बड़े निजी निवास में शामिल है। 600 एकड़ में बना यह महल ब्रिटेन के शाही निवास बर्किंघम पैलेस से चार गुना बड़ा है। गायकवाड़ परिवार में पैतृक संपत्ति को लेकर आपसी विवाद भी चल रहा है।
चर्चाओं के पीछे.भाजपा नेता, बड़ौदा की शुभांगिनी राजे और जफर इस्लाम हैं। क्योंकि माना जा रहा है कि यही वो दो चेहरे हैं, जिन्होंने ज्योतिरादित्य की भाजपा में आने की राह बनाई।
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Friday, 13 March 2020
रीयूज और रीफिल किए जा सकते हैं ये इको-फ्रेंडली मेकअप टूल्स
लाइफस्टाइल डेस्क. अमेरिकन असोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस के शोध में पाया गया कि पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स प्रदूषण बढ़ाते हैं। ब्यूटी टूल्स बनाने वाली कंपनियां वेस्ट कम करने के लिए प्लास्टिक पैकिंग की बजाय अब ऐसे उपकरण तैयार कर रही हैं जिन्हेें साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। कंज्यूमर भी अब इको-फ्रेंडली चीजें तलाश रहे हैं।
ब्यूटी वैनिटी को इको-फ्रेंडली बनाएंगे ये पांच प्रोडक्ट्स
ट्री-फ्री ब्रश: ब्रश भी इको-फ्रेंडली हो रहे हैं। ब्रश बनाने के लिए कुछ कंपनियां रीसाइकल्ड एलुमिनियम और प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके अलावा रिन्युएबल बैंबू का उपयोग भी हो रहा है। पैकिंग को 100 प्रतिशत ट्री-फ्री रखा जा रहा है। इन्हें कॉटन और बैंबू से तैयार किया जा रहा है। ये ब्रश ज्यादा महंगे नहीं होते हैं।
मिनिमल पैक्ड मेकअप: क्लीन और ग्रीन मेकअप का इस्तेमाल करने का मतलब है वेस्ट को बढ़ने से रोकना और बेहतर इंग्रीडिएंट्स वाला मेकअप पाना। इको-फ्रेंडली मेकअप बनाने वाली कंपनियां अब मिनिमल पैकेजिंग वाले मेकअप प्रोडक्ट्स बना रही हैं। इन्हें प्लांटेबल सीड पेपर में पैक किया जाता है। आईशैडो के लिए रीयूजेबल बैंबू पैलेट्स भी बनाए जा रहे हैं।
मेकअप रिमूवर वाइप्स: एक बार इस्तेमाल करके ही मेकअप वाइप्स को फेंक दिया जाता है। इसलिए कुछ कंपनियों ने अब बैंबू पैड्स बनाने शुरू कर दिए हैं। ये बैंबू से ही बनते हैं और दावा है कि इन्हें करीब एक हजार बार इस्तेमाल किया जा सकता है। प्लास्टिक फ्री पैकेजिंग दी जा रही है जिसे रीसाइकल किया जा सकता है। कंपनियां दावा कर रही हैं कि बैंबू के 20 पैड्स 2000 साधारण पैड्स के बराबर हैं।
फेशियल क्लेंसिंग टूल: डीप क्लीनिंग और एक्सफोलिएटिंग टूल है। ऐसे ज्यादातर टूल्स ब्रश से बनते हैं पर अब सिलिकोन से बने फेशियल टूल्स भी मिल रहे हैं जिन्हें बदलने की जरूरत ही नहीं पड़ती। हर मिनट ये 7000 वाइब्रेशन्स छोड़ते हैं जिससे स्किन की बेहतर सफाई होती है। इसमें कई क्लेंसिंग मोड्स भी होते हैं। ये कई रंग में मिलते हैं।
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Excise duty on petrol, diesel up by Rs 3 per litre as oil prices decline
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IOC declares Rs 4.25/share interim dividend, govt to get Rs 2,060 cr
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Expanding COVID-19 pandemic may take rupee to 75 vs the dollar
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Tata Steel, Tata Power, Indian Hotels rebound up to 25% on heavy volumes
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Goldprice dips Rs 10 to Rs 62,720, silver falls Rs 100 to Rs 74,900
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